Month: August 2023

दरवाजे
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केदारनाथ सिंह : बिम्ब विधान के कवि

भारत के सर्वोच्च साहित्यिक पुरस्कार ज्ञानपीठ से सम्मानित कवि केदारनाथ सिंह आधुनिक हिंदी कविता में बिम्ब के कवि के रूप में जाने जाते हैं। उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद में 7 जुलाई, 1934 को पैदा हुए केदारनाथ सिंह पेशे से एक शिक्षक थे। उनके बारे में उनसे पढ़े हुए विद्यार्थी बताते हैं कि वे जितने अच्छे कवि हैं, कक्षा में उतने ही श्रेष्ठ शिक्षक भी रहे। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से पढ़ाई करने के बाद कुछ समय उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में ही अध्यापन कार्य किया। अंत में वे जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में बतौर आचार्य और अध्यक्ष के रूप में कार्यरत रहे और सेवानिवृत्त हुए। केदारनाथ सिंह, अज्ञेय द्वारा सम्पादित तीसरे सप्तक जिसका प्रकाशन 1959 ई में हुआ, से प्रकाश में आते हैं और उसके बाद उनका रचनात्मक और उर्वर धरातल हिंदी कविता के सौंदर्य में अभिवृद्धि करता चलता है। ‘अभी बिलकुल अभी’ उनका पहला काव्य संग्रह भी 1960 ई में […]

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“कर्नाटक का भूगोल: प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक धरोहर”

प्रिय पाठकों, इस ब्लॉग में हम एक रोमांचक और ज्ञानवर्धनकारी यात्रा पर निकलने जा रहे हैं, जो हमें भारतीय भूगोल के एक महत्वपूर्ण राज्य – कर्नाटक के भूगोलिक रूपरेखा में ले जाएगी। कर्नाटक, जिसकी स्थापना केंद्रीय भारत के दक्षिण पश्चिमी भाग में हुई है, अपने प्राकृतिक सौंदर्य, ऐतिहासिक महत्व और सांस्कृतिक धरोहर के लिए प्रसिद्ध है। इस यात्रा में हम भूखंड और भू-प्राकृतिक संसाधनों की गहराईयों में खोजी करेंगे, प्रमुख नदियों और झीलों की सुंदरता में नाविक बनेंगे, उच्च और मध्य पर्वत श्रेणियों की ऊँचाइयों को छूने का प्रयास करेंगे, और वनस्पतियों और वन्यजीवों के बारे में रोचक जानकारी प्राप्त करेंगे। कर्नाटक का भूगोल हमें इस राज्य की विविधता और समृद्धि की कहानी सुनाता है, जो हमारी यात्रा को और भी रोमांचक बनाते हैं। इस ब्लॉग के माध्यम से हम आपको कर्नाटक के भूगोलिक रहस्यों में ले जाने का प्रयास करेंगे और आपको इस अद्वितीय भूगोलीक प्रदेश के पीछे की […]

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केरल “दक्षिण का स्वर्ग”

नमस्कार पाठकों! आज हम आपको एक रोमांचक यात्रा पर ले जाएंगे जो भारतीय उपमहाद्वीप के दक्षिण-पश्चिमी भाग में स्थित एक राज्य, केरल, के अनूठे भूगोलिक रूपरेखा के पीछे की कहानी पर आधारित है। केरल, भारतीय महासागर के तट पर बसा हुआ, एक रोमांचक प्राकृतिक सौन्दर्य के साथ भरपूर है। यहाँ की प्राकृतिक सौंदर्यता को देखते हुए केरल को ‘दक्षिण का स्वर्ग’ भी कहा जाता है। केरल का भूगोल बिल्कुल विविध है और यह कई प्राकृतिक सौंदर्य स्थलों से भरपूर है, जैसे कि वीडुक्कल का तापु, मुनार की पहाड़ियाँ, आलप्पुज्हा के अद्भुत समुंद्र तट आदि। केरल के भूगोल का अद्वितीय पहलू उसके पशु-पक्षियों में है। यहाँ केरल के आनोचे वन्यजीव जीवन का आनंद लेने का अवसर मिलता है, जैसे कि एलीफेंट, बाघ, लकड़बग्घा, मर्मोसेट, आदि। इसके अलावा, केरल का भूगोल भारतीय संस्कृति और परंपराओं के आदान-प्रदान का भी प्रतीक है। यहाँ की विविधता और सांस्कृतिक धरोहर यात्रीगण को मन मोह लेती […]

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